अँधेरी रात का सूरज | अपकमिंग काव्य कृति - राकेश खण्डेलवाल

6:42 PM Posted by विजेंद्र एस विज


अँधेरी रात का सूरज
काव्य कृति - राकेश खण्डेलवाल
पुस्तक जुलाई में इंदौर से प्रकाशित हो रही है..
आवरण डिजाइन करने का सौभाग्य हमें मिल गया है..
जिसके लिये अपनी एक कलाकृति चुनी है.
आप सभी से बाँट रहे हैं...आप के सुझावों का स्वागत है.

9 comments:

  1. advocate rashmi saurana said...

    Rakeshji badhai ho.

  2. Lavanyam - Antarman said...

    बेहतरीन बना है आवरण विज !!
    - राकेश जी को और तुम्हेँ ढेरोँ बधाई -
    स स्नेह,
    -- लावण्या

  3. रंजू ranju said...

    वाह बहुत सुन कर खुशी हुई ..बढिया है ...बधाई हो

  4. राकेश जैन said...

    sateek hai avaran, main janna chahunga agar main bhi apni kririyan prakashit karwana chahun to mujhe kya karna hoga, agar aap is vishay par madad kar sakte hain to kripya reply zurur karen, 29.rakesh2gmail.com

  5. राकेश खंडेलवाल said...

    विज भाई

    आपकी कलाकॄतियों की श्रेष्ठता ने ही इस पुस्तक में निम्न लिखित पंक्तियां मेरी कलम से लिखवाईं हैं

    "माँ शारदा की वीणा को रंगों की तूलिका में परिवर्तित करने वाले कुशल चितेरे श्री विजेन्द्र " विज ". का अनुग्रह मेरा प्रेरणा स्रोत रहा है."<

  6. Udan Tashtari said...

    बहुत ही बेहतरीन-मजा आ गया. अब विज, हमारे लिए भी आप ही बनाओ. इतना बेहतरीन बनायेंगे तो किसी का भी मन ललच जायेगा. :) बहुत बधाई.

  7. Pratyaksha said...

    rakeshji ..bahut badhai
    vij aavaran shaandaar hai ...

  8. मीत said...

    राकेश जी क बहुत बहुत बधाइयां. बड़ी खुशी की बात है ये तो. शुभकामनाएं.

  9. श्रद्धा जैन said...

    Rakesh ji bhaut bhaut badhayi

    Vij ji aapki kala bahut pasand aayi
    bhaut bhaut sunder