Wednesday, April 16, 2008

यह कलाकृति डा. अशोक चक्रधर ने बनायी है


अनटाइट्ल्ड
डा.अशोक चक्रधर
18x24, इन्च, एक्रिलिक आन कैनवास्

अभी हाल ही मे उनसे मुलाकात हुई..उन्होने अपने जन्मदिन पर एक कलाकृति बनायी है..वाकई एक मास्टर पीस.. कलाकृति प्रवासी सन्सार का आवरण बनी है..इसकी खूबसूरती का अन्दाजा इसके जबर्जस्त स्ट्रोक्स, सबजेक्ट और पावरफुल कम्पोजिसन , कलर देख कर लगाया जा सकता है...
मैं शब्दों में बखान करूँगा तो बेइमानी होगी.

8 comments:

Neelima said...

बहुत बढिया कलाकृति !

अल्पना वर्मा said...

bahut sundar!

Ashok ji ko badhayee.

DEO PRAKASH CHOUDHARY said...

बहुत खूब!अभिव्यकिति कभी माद्यम की मोहताज नहीं..

mamta said...

सुन्दर !!

सुशील कुमार said...

अति सुन्दर. हमारी समझ मे अगर आपकी समझ भी मिल जाती तो आम आदमी(मै)की समझ मे ओर् इजाफा हो जाता.

Udan Tashtari said...

उम्दा कलाकृति, शायद वास्तविक आकार में देखना अधिक मनभावन हो.

Anonymous said...

behtareen kalaa ka bejor namoona...

रवीन्द्र रंजन said...

बहुत अच्छी लगी ये कलाकृति।